सांसद मन्नालाल रावत ने इस संबंध में समिति को लिखा था सुझाव पत्र
वक्फ (संशोधन) विधेयक में महत्वपूर्ण प्रावधान: कोई भी आदिवासी क्षेत्र में वक्फ संपत्ति घोषित नहीं कर सकेगा
उदयपुर। सांसद मन्नालाल रावत ने वक्फ (संशोधन) विधेयक में आदिवासी क्षेत्र में अनुसूचि 5 एवं अनुसूचि 6 के तहत वक्फ संपत्ति घोषित करने पर रोक लगाने का प्रावधान शामिल करने पर खुशी जताई है और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की मूल संस्कृति और सवैधानिक अधिकारों का भी संरक्षण हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने बताया कि देश के आदिवासियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अनुसूचि 5 एवं अनुसूचि 6 में आदिवासी क्षेत्र में वक्फ संपत्ति घोषित नहीं की जा सकेगी। इस बिल में यह महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है, जो सोच समझकर अब इसमें लाया जा रहा है। उन्होंने चर्चा में कहा कि ऐसा नहीं चाहिए कि जब आप वक्फ संपत्ति क्रिएट करे तो आदिवासी क्षेत्र में जाकर आदिवासियों की जमीन को वक्फ क्रिएट कर दें।
इस मामले में सांसद मन्नालाल रावत ने संयुक्त संसदीय समिति, वक्फ (संशोधन) विधेयक के अध्यक्ष को पूर्व में पत्र लिखकर आदिवासी क्षेत्र में वक्फ बोर्ड के प्रावधान लागू नहीं करने के संबंध में सुझाव पत्र लिखा था। सांसद श्री रावत ने पत्र में बताया कि मेरी लोकसभा क्षेत्र का अनुसूचित क्षेत्र संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत राष्ट्रपति द्वारा घोषित है, जिसके अन्तर्गत आदिवासियों की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण का उद्देश्य निहित है।
अनुसूचित क्षेत्र में कब्रिस्तानों, मजार, मकबरा, मस्जिद एवं दरगाहों इत्यादि का निर्माण एवं विस्तार आदिवासियों की उक्त मूल संस्कृति के एकदम विपरीत है। उक्त प्रकार के भूखण्ड एवं निर्माण अभारतीय जीवन पद्धति को दर्शाता है एवं संविधान की मूल भावना के विरूद्ध है। उक्त प्रकार की वक्फ सम्पत्ति का क्षेत्र में रहना आदिवासियों की मूल संस्कृति को निरन्तर एवं बहुविद् हानि पहुंचाने वाला है एवं चिरंतन भारतीयता पर भी विपरीत प्रभाव डालने वाले है। यह सर्वत्र ज्ञात है कि भोलेभाले स्वभाव के धनी आदिवासियों के लिए घोषित अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ बोर्ड की किसी भी प्रकार की सम्पत्ति से क्षेत्र में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सांसद श्री रावत ने अनुसूचित क्षेत्र में 5वीं अनुसूची के सुपरिभाषित मानकों को ध्यान मे रखते हुए वक्फ बोर्ड के प्रावधान अनुसूचित क्षेत्र में लागू ना हो, ऐसी व्यवस्था प्रस्तावित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 के कानून में करने का सुझाव दिया था।
आदिवासी क्षेत्र में अनुसूचि 5 एवं अनुसूचि 6 के तहत वक्फ संपत्ति घोषित करने पर रोक के प्रावधान का स्वागत: सांसद मन्नालाल रावत
