प्रतापगढ़ : भव्य संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस

भक्ती की सरिता में डूबे श्रृद्धालू-पं. भीमाशंकर जी महाराज

प्रतापगढ़ 02 अप्रैल। जिले के धमोत्तर पंचायत समिति के गाँव टाण्डा में समस्त लबाना समाज, वानर सेना एवं सीता वाहिनी सेना के सहयोग से श्री पंचमुखी बालाजी मन्दिर निर्माण के उपलक्ष्य में भव्य संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस मध्यप्रदेश मंदसौर धरियाखेड़ी के कथा प्रवक्ता पूज्य पं. श्री भीमाशंकर जी शास्त्री के मुखारविन्द से बुधवार को मत पड़ रे उलझन में मन, श्याम राधे श्याम राधे, बोलो हरी का नाम राम, जैसे दीपक मंदिर सोना गुरू बिन घोर अंधेरा, घणी दूर से दोड़यो अरेली गाडुली में बिठा दे घणी दूर जानो नगर के पार, पहले चांदी वाला सीखा चलता, अब चले कड़ा कड़ नोट जमाना बदल गया, बड़ी दिन दुखी है अनाथ यह दास पड़़ी शरने पड़ी तेरे, कैलाश के निवासी नमो बार बार हो, हनुमान तुम हो वीर संकट मिटाने वाले, ओम नमः भगवते वासुदेवाय, सांवरिया सेठ जी, भोलेनाथ जी, बालाजी के भजनों सहित विभिन्न भजनों की मधुर-मधुर प्रस्तुतियां दी गई।

कथा प्रवक्ता पूज्य पं. श्री भीमाशंकर जी शास्त्री के मुखारविन्द से भगवान ठाकुर जी, भगवान श्री कृष्ण जी, हनुमान जी, शिवजी, परीक्षीत जी महाराज, मुक्ती के मार्ग, ज्ञान को प्राप्त करने, श्रीमद् भागवत की कथा से जीवन में भगवान के दर्शन होना, गुरूजी के आगे चरण में झुक जाना कल्याण के मार्ग को प्राप्त करना, गुरु को बनाने, चौरासी लाख योनी को पार करना, सतगुरू मिले तो शरीर से भगवान प्रकट हो जाए, भक्त नरसिंह मेहता, सुर्यउदय से पहले झांडू लगाने, स्त्री को लज्जा में रहने, कर्म करने, ब्रहम ज्ञान, कर्म ज्ञान की प्राप्ती, व्यसन से मुक्त रहना, भागवत जी के माध्यम से शिक्षा को ग्रहण करने, भगवान श्मशान में विराजमान, देवादी देव भगवान शंकर, शनि देव भगवान, सृृष्ठी, लव जिहाद से दूर रहने, हिन्दू संस्कृति को ही रक्षाबंधन कर राखी बांधना, गाय की पूजा करते उस पर विश्वास करने, अमन चैन से रहना हो तो गौ हत्या को बंद करने, सनातन धर्म आदि का वर्णन कर ज्ञानवर्धक भजनों के माध्यम से दिव्य जानकारी प्रदान कर कथा का वाचन किया गया। कथा में हजारों की संख्या में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का श्रृंवण किया।

समाजसेवी दशरथ लबाना ने बताया कि कथा 6 अप्रैल 2025 तक रोजाना प्रातः 11.30 बजे से सांय 3.30 बजे तक श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर रातिघाटी टाण्डा में गुरूजी द्वारा वाचन किया जाएगा। कथा में सभी धर्मप्रेमी सज्जन अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म का लाभ ले सकते है।

By Udaipurviews

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