
उत्पल दत्त: हंसी और गंभीरता के रंगमंच के अनोखे कलाकार
उदयपुर: बचपन में टीवी पर एक फ़िल्म देखी थी, जिसमें अपनी मूंछो से प्यार करने वाले एक अभिनेता बार—बार एक डायलॉग बोलते हैं.....अच्छाआ.... जितनी बार भी वे ये संवाद बोलते उतनी ही बार दर्शकों को गुदगुदा जाते। उनके प्रशंसकों को शायद याद आ गया होगी कि हम मशहूर अभिनेता उत्पल दत्त साहब की बात कर रहें हैं। जिनके फिल्म गोलमाल में बोले गए हास्य संवादों में 'अच्छाआ....' कहना उनका ट्रेडमार्क बन गया था.....और उस जमाने में ये संवाद इतना प्रसिद्ध हुआ कि आज भी इसे मिमिक्री आर्टिस्ट अपनी परफॉर्मेंस में इस्तेमाल करते हैं। 29 मार्च 1929 को उस वक्त के…