आज से प्रारम्भ होगी नवपद ओली, होंगे अनुष्ठान
उदयपुर, 3 अप्रेल। श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में गुरुवार को आयड़ तीर्थ स्थित आत्म वल्लभ सभागर में आचार्य पदमभुषण रत्न सुरिश्वर व प्रन्यास ऋषभ रत्न विजय महाराज, साध्वी कीर्तिरेखा श्रीजी महाराज संघ का मंगल प्रवेश हुआ। महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आचार्य के प्रवेश के दौरान जगह-जगह गउली बनाकर स्वागत किया गया। नाहर ने बताया कि शुक्रवार 4 अप्रैल सुबह 9 बजे आत्म वल्लभ सभागार में नवपद ओली प्रारम्भ होगी। जिसमें आयम्बिल की आराधना की जाएगी। इस दौरान आयोजित धर्म सभा में आचार्य ने कहा कि आयड़ जैन मंदिर हमारी प्राचीन धरोहर है, इस तीर्थ पर सभी को दर्शनलाभ लेने चाहिए। इस भूमि पर आचार्य जग्गचन्द्र सूरीश्वर महाराज ने जीवन आयम्बिल की तपस्या की। आचार्य के प्रवेश के दौरान जगह-जगह गउली बनाकर स्वागत किया गया। नाहर ने बताया कि आयंबिल ओली की आराधना 4 अप्रैल से प्रारंभ होगी। जो भी महानुभाव ओली करना चाहे वे अपना नाम आयड़ तीर्थ पेढ़ी पर लिखा सकते है। आयोजन में चोसरबाई -शेषमल, शांतिलाल, अशोक (गजानन) पोरवाल परिवार उदयपुर-मुंबई-बैंगलोर, धर्मप्रेमी भंवरलाल सेनाजी, जयंती, तेजस, तरुण गोलेच्छा, पादरू, स्वर्गीय मनोहर लाल की स्मृति में सोरमबाई, ललित-विमला, अभिषेक- रुचि, अखिलेश-नितिका, हरिधी, गर्वित, रिध्वी मेहता(ड्योढ़ी वाले) लाभार्थी परिवार रहा।
इस दौरान आयोजित धर्म सभा में आचार्य ने कहा कि आयड़ जैन मंदिर हमारी प्राचीन धरोहर है, इस तीर्थ पर सभी को दर्शनलाभ लेने चाहिए। इस भूमि पर आचार्य जग्गचन्द्र सुरिश्वर महाराज ने जीवन आयम्बिल की तपस्या की। मेवाड़ के महाराणा जेत्र सिंह ने आचार्य जग्गचन्द्र सुरिश्व को तपोविरला से विभूषित किया। ऐसी तप भूमि पर आकर मैं धन्य हो गया। इस अवसर पर कुलदीप नाहर, सतीश कच्छारा, राजेन्द्र जवेरिया, चतर पामेचा, राजेश जावरिया, चन्द्र सिंह बोल्या, दिनेश भण्डारी, अशोक जैन, दिनेश बापना, कुलदीप मेहता, नरेन्द्र शाह, चिमनलाल गांधी, गोवर्धन सिंह बोल्या आदि मौजूद रहे।
आचार्य पदमभुषण रत्न सुरिश्वर संघ का आयड़ तीर्थ में हुआ मंगल प्रवेश
