
प्रेम मानवीय भावनाओं और संबंधों की प्रेरक शक्ति : प्रो. सारंगदेवोत
भाषा एवं संस्कृति महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ उदयपुर, 13 फरवरी। प्रेम मानवीय भावनाओं और संबंधों की प्रेरक शक्ति है, जबकि बुद्धि एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह कार्य करती है, जो सही निर्णय लेने में सहायता करती है। प्रेम से रिश्ते मजबूत होते हैं, और बुद्धि उन्हें संतुलित व सार्थक बनाए रखने में सहायक होती है। यदि प्रेम अत्यधिक हो और उसमें बुद्धि का अभाव हो, तो यह आवेगपूर्ण निर्णयों की ओर ले जा सकता है, वहीं दूसरी ओर, यदि बुद्धि अत्यधिक हो और प्रेम न हो, तो व्यक्ति ठंडा और दूर लग सकता है। संतुलन बनाए रखना आवश्यक है,…